नई दिल्ली, 7 जून 2026
दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को बड़ी संख्या में छात्रों, युवाओं और विभिन्न संगठनों ने सीबीएसई (CBSE) के मार्किंग सिस्टम और परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि 2026 बोर्ड परीक्षा के परिणामों में कई छात्रों को अपेक्षा से कम अंक मिले हैं और डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली (On-Screen Marking System) में गंभीर खामियां सामने आई हैं।प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने, उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच को आसान बनाने और कथित तकनीकी गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। कई छात्रों का कहना है कि उनके प्राप्तांक उनकी वास्तविक तैयारी और प्रदर्शन से मेल नहीं खाते।
जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन
प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवा समूहों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा परीक्षा प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई से विवादित मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की।
बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में सीबीएसई के डिजिटल मूल्यांकन सिस्टम और री-इवैल्यूएशन पोर्टल को लेकर भी कई सवाल उठे हैं। साइबर सुरक्षा और डेटा प्रबंधन से जुड़ी चिंताओं ने भी विवाद को और बढ़ा दिया है।
छात्रों की प्रमुख मांगें
• मूल्यांकन प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच।
• री-इवैल्यूएशन फीस में राहत।
• प्रभावित छात्रों को आवश्यक सहायता।
• डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली की पारदर्शिता बढ़ाना।
• भविष्य में ऐसी समस्याओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाना।
सीबीएसई और शिक्षा मंत्रालय पर बढ़ा दबाव
विरोध प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई पर छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लेने का दबाव बढ़ गया है। विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है।
क्या है पूरा विवाद?
2026 में सीबीएसई द्वारा लागू की गई डिजिटल ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लेकर कई छात्रों और अभिभावकों ने आपत्ति जताई। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आईं, जिनमें कम अंक मिलने, मूल्यांकन त्रुटियों और री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया में समस्याओं का उल्लेख किया गया।
निष्कर्ष
जंतर-मंतर पर हुआ यह प्रदर्शन केवल अंकों का मुद्दा नहीं बल्कि शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वास बहाली की मांग का प्रतीक बन गया है। अब सभी की नजरें सीबीएसई और शिक्षा मंत्रालय की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि छात्रों की शिकायतों का समाधान समय पर नहीं हुआ, तो यह विवाद और बड़ा रूप ले सकता है।
1 Comment
divyam · June 13, 2026 at 7:02 am
Good news